लोक गायिका शारदा सिन्हा का निधन: ‘बिहार कोकिला’ के संघर्ष और भोजपुरी संगीत पर विचार”

लोक गायिका शारदा सिन्हा, जिन्हें ‘बिहार कोकिला’ कहा जाता था, का निधन हो गया है। 72 वर्ष की उम्र में दिल्ली के एम्स अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। शारदा सिन्हा कैंसर से काफी समय से संघर्ष कर रही थीं, और कुछ दिनों पहले उनकी हालत ज्यादा खराब हो गई थी। इस वजह से उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था। छठ के गीतों से मशहूर शारदा सिन्हा ने छठ पर्व के पहले दिन ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

शारदा सिन्हा ने भोजपुरी और मैथिली भाषा में कई गाने गाए हैं। उन्होंने हिंदी फिल्मों और ओटीटी सीरीज के लिए भी अपनी आवाज दी है। 2022 में आई वेब सीरीज ‘महारानी 2’ का गाना ‘निर्मोहिया’ उन्होंने गाया, जो काफी प्रसिद्ध हुआ। उस समय उन्होंने एबीपी न्यूज को अपना आखिरी इंटरव्यू दिया था, जिसमें उन्होंने अपने करियर की मुश्किलों और भोजपुरी गानों में अश्लील लीरिक्स पर भी चर्चा की थी।

शारदा सिन्हा ने भोजपुरी गानों में अश्लीलता पर अपनी राय देते हुए कहा कि उन्होंने पहला भोजपुरी गाना 1974 में गाया था। उनके अनुसार, आज के गायक बहुत प्रतिभाशाली हैं और उनकी आवाज़ें भी बेहतरीन हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि कई गायकों में जल्दी से फेमस होने की होड़ है और गानों को जल्द से जल्द कमर्शियल बनाने का दबाव है। पर कोई उन्हें ये नहीं समझाता कि स्टार तो बन जाओगे, लेकिन असली चुनौती लंबे समय तक टिके रहने की है।

शारदा सिन्हा ने कहा कि अच्छे गाने चुनना जरूरी है। भोजपुरी और मैथिली भाषा में थोड़ा अंतर होता है, जिसे समझना कलाकारों के लिए आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आजकल कुछ लोग कम मेहनत और कम समय में ही फेमस होना चाहते हैं। इसमें मीडिया भी ऐसी भूमिका निभा रहा है कि वो किसी को भी अचानक से मशहूर बना सकता है। इस स्थिति को लेकर उन्हें बहुत दुख होता है।

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