दिल्ली के विवेक विहार में 25 मई को एक बेबी केयर अस्पताल में आग लगने से सात नवजात बच्चों की मौत हो गई।
जांच में पता चला कि यह अस्पताल अवैध रूप से चल रहा था। यहां सिर्फ पांच बेड की अनुमति थी, लेकिन 12 बच्चों को भर्ती किया गया था। अस्पताल एक तंग जगह पर, रिहायशी इलाके के पास एक व्यावसायिक इमारत में स्थित था।
फायर विभाग ने आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की संभावना जताई। अस्पताल में एमबीबीएस डॉक्टरों की जगह आयुर्वेदिक डॉक्टर काम कर रहे थे। अस्पताल का लाइसेंस 31 मार्च को खत्म हो गया था, लेकिन इसे फिर भी चलाया जा रहा था।
अस्पताल में कोई आपातकालीन द्वार नहीं था, और वहां क्षमता से ज्यादा सिलेंडर रखे गए थे। जांच से साफ हुआ कि प्रशासनिक लापरवाही और नियमों की अनदेखी ने इस हादसे को गंभीर बना दिया।
