महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा वार्ड (एसएनसीयू) में शुक्रवार रात आग लग गई, जिससे 10 नवजात शिशु झुलस गए। इनमें झांसी के 4, ललितपुर के 3, हमीरपुर के 2 और जालौन का 1 बच्चा शामिल है। 6 बच्चे अब भी लापता हैं, और मेडिकल कॉलेज में 16 बच्चे इलाज करवा रहे हैं, जिनमें 4 की हालत गंभीर है।
आग शार्ट सर्किट से ऑक्सीजन कंसनट्रेटर में लगी थी, जिसके बाद अफरातफरी मच गई। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आग के मामले की जांच के आदेश दिए हैं। तीन टीमें इस मामले की जांच करेंगी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, फायर ब्रिगेड और मजिस्ट्रेट शामिल होंगे। जांच का मुख्य उद्देश्य आग लगने की वजह पता लगाना है, और अगर लापरवाही मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अग्निकांड में ललितपुर की पूजा, संजना और भगवती के बच्चों, हमीरपुर की नजमा की जुड़वा बेटियों, और झांसी की पूनम की बेटी और संध्या के बेटे की मौत हो गई। कुछ बच्चों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, जैसे झांसी के एरच की संध्या, ललितपुर की संजना, और हमीरपुर की सुखवती के बच्चे।
