अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में अडानी समूह और उससे जुड़े कुछ लोगों पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने सौर ऊर्जा परियोजनाओं के ठेके पाने के लिए भारतीय अधिकारियों को भारी रिश्वत दी और निवेशकों को धोखे में रखा। इस पर भारत सरकार ने कहा है कि यह मामला निजी व्यक्तियों और अमेरिकी न्याय विभाग से जुड़ा है, और भारत सरकार इसमें किसी भी तरह से शामिल नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि अमेरिकी सरकार ने इस मामले में भारत को पहले से कोई जानकारी नहीं दी है। न ही भारत को कोई समन या गिरफ्तारी वारंट भेजा गया है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई अनुरोध आता है, तो इसे भारत के कानूनों और प्रक्रियाओं के तहत जांचा जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच इस मामले में कोई बातचीत नहीं हुई है। यह मामला पूरी तरह अमेरिकी कानून और संबंधित व्यक्तियों तक सीमित है।
