जामिया मिलिया इस्लामिया ने अपने छात्रों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के खिलाफ नारे लगाने से मना किया है। विश्वविद्यालय ने एक कार्यालय ज्ञापन जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि बिना अनुमति के कोई भी छात्र विरोध प्रदर्शन या धरना नहीं कर सकता। अगर कोई छात्र इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह ज्ञापन 29 नवंबर को जारी किया गया था और इसमें 2022 के एक पुराने निर्देश का जिक्र किया गया है। छात्रों को बताया गया है कि विश्वविद्यालय में किसी भी संवैधानिक व्यक्ति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी।
इस निर्देश का छात्र संगठनों ने विरोध किया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने इसे शैक्षिक संस्थानों पर भाजपा और संघ परिवार की पकड़ का संकेत बताया और कहा कि यह छात्रों और विश्वविद्यालय की स्वतंत्रता पर हमला है।
