यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट और दलित प्रेरणा स्थल पर पुलिस की कार्रवाई के बाद किसान संगठनों में मतभेद देखने को मिल रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े कुछ संगठन दिल्ली कूच करने और गिरफ्तारी देने की अपनी मांग पर कायम हैं।
शुक्रवार को इन संगठनों ने जीरो प्वाइंट से दिल्ली की ओर मार्च करने का ऐलान किया है। वहीं, अन्य संगठन प्रशासन की वार्ता के लिए दी गई सात दिनों की मोहलत का इंतजार करने के पक्ष में हैं। इन मतभेदों के चलते आंदोलन की दिशा बदल सकती है।
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 25 नवंबर से दस किसान संगठन आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगें हैं कि दस प्रतिशत आबादी को भूखंड दिए जाएं, नए भूमि अधिग्रहण कानून के सभी लाभ दिए जाएं और हाई पावर कमेटी की सिफारिशें लागू की जाएं।
