आज किसानों ने शंभू बॉर्डर पर पुलिस के साथ झड़प के बाद अपना प्रदर्शन स्थगित कर दिया। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दिल्ली की ओर शांतिपूर्ण मार्च के दौरान पुलिस ने किसानों को रोकने की कोशिश की, जिससे झड़प हुई। इस झड़प में 6 किसान घायल हुए हैं। किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
किसानों का कहना है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने के लिए उन्होंने दिल्ली की ओर मार्च शुरू किया था। पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर 101 किसानों के जत्थे को रोक दिया और कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों के नाम उनकी सूची में नहीं हैं। इस दावे को लेकर विवाद बढ़ गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि किसानों ने शांतिपूर्वक अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की कार्रवाई ने मामले को गंभीर बना दिया। उन्होंने बताया कि सभी जत्थों को वापस बुला लिया गया है और अब रणनीति तय करने के लिए कल किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की बैठक होगी।
किसानों ने रविवार को दोपहर 12 बजे के बाद पंजाब-हरियाणा की सीमा पर शंभू बॉर्डर से पैदल मार्च शुरू किया था। उनका उद्देश्य दिल्ली पहुंचकर अपनी मांगों को केंद्र सरकार के सामने रखना था। फिलहाल, प्रदर्शन स्थल पर तनाव बना हुआ है, और किसान आगे की रणनीति तय करने में जुटे हैं।
