संसद की कार्यवाही में लगातार हो रहे गतिरोध पर आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारतीय संसद में हो रहे व्यवधान निराशाजनक हैं, खासकर जब भारत को एक मजबूत लोकतंत्र के रूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की कोशिश हो रही है। उनका मानना है कि देश के वेल्थ क्रिएटर्स और रोजगार देने वालों को राजनीति का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। अगर कहीं समस्याएं हैं, तो उन्हें कानून के दायरे में सुलझाया जाना चाहिए, न कि राजनीतिक बहस का केंद्र बनाया जाना चाहिए। सद्गुरु ने यह भी कहा कि भारतीय व्यवसायों को आगे बढ़ने की जरूरत है, क्योंकि यही भारत को समृद्ध और शक्तिशाली बनाएगा।
सद्गुरु जग्गी वासुदेव एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और योग-ध्यान के प्रचारक हैं। उन्होंने 1992 में ईशा फाउंडेशन की स्थापना की, जो योग, ध्यान और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करता है। यह संगठन दुनियाभर में लाखों लोगों को एक नया जीवन-दृष्टिकोण प्रदान कर रहा है। सद्गुरु जीवन, प्रेम, परिवार, और चेतना जैसे विषयों पर अपने प्रेरणादायक विचारों के लिए जाने जाते हैं। उनके कार्यों का उद्देश्य व्यक्ति और समाज दोनों का उत्थान करना है।
