कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा हाल ही में संसद में “फिलिस्तीन” लिखा बैग लेकर पहुंची, जिससे भाजपा नेताओं ने आलोचना की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य की पहल के तहत 5,600 से ज्यादा युवा इज़राइल में निर्माण कार्यों के लिए भेजे गए हैं, जहां उन्हें मुफ़्त भोजन, आवास और 1.5 लाख रुपये मासिक वेतन मिलता है।
प्रियंका गांधी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि युवाओं को युद्ध क्षेत्र में भेजना कोई उपलब्धि नहीं बल्कि शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार बेरोजगारी और इन युवाओं के संघर्षों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इज़राइल में काम करने वाले भारतीय युवाओं को सुरक्षा कारणों से बंकरों में छिपना पड़ता है और कंपनियां उनका शोषण कर रही हैं।
प्रियंका गांधी ने पहले भी गाजा में इज़रायली कार्रवाई और फिलिस्तीनियों के साथ अपनी एकजुटता दिखाई थी, और इसके बाद एक और बैग में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ संदेश के साथ दिखाई दीं।
