दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करने से डर रही है, क्योंकि उसे हारने का डर है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने रमेश बिधूड़ी को अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार चुना है। रमेश बिधूड़ी, जो दक्षिण दिल्ली से सांसद रहे हैं, को इस बार कालकाजी विधानसभा सीट से टिकट दिया गया है, जहां से आप की आतिशी चुनाव लड़ रही हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने केजरीवाल के इन दावों को झूठा करार देते हुए पूछा कि केजरीवाल भाजपा का मुख्यमंत्री चेहरा तय करने वाले कौन होते हैं। शाह ने कहा कि यह सब बयान केवल राजनीतिक लाभ के लिए दिए जा रहे हैं।
केजरीवाल ने भाजपा को एक सार्वजनिक बहस की चुनौती भी दी है, जिससे जनता के सामने दोनों दलों का दृष्टिकोण स्पष्ट हो सके। उन्होंने रमेश बिधूड़ी से उनके पिछले दस सालों के काम और भविष्य की योजनाओं के बारे में सवाल किया।
हालांकि, रमेश बिधूड़ी का नाम विवादों से जुड़ा रहा है। सितंबर 2023 में उन्होंने एक अन्य सांसद के खिलाफ विवादित बयान दिया था, जिस पर काफी आलोचना हुई थी। हाल ही में, उनके बयानों पर भी विवाद खड़ा हुआ था, लेकिन उन्होंने इन पर माफी मांग ली थी।
इस पूरे प्रकरण पर भाजपा नेता आरपी सिंह ने केजरीवाल को उनकी जमानत से जुड़ी शर्तों की याद दिलाई, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि केजरीवाल मुख्यमंत्री के रूप में किसी फाइल पर साइन नहीं कर सकते या आधिकारिक बैठक में शामिल नहीं हो सकते। भाजपा के दिल्ली प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि पार्टी के विधायक चुनाव के बाद मुख्यमंत्री का चेहरा तय करेंगे।
