उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास विभाग एवं अवस्थापन के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण की पहली समीक्षा बैठक की। यह बैठक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड रूम में आयोजित हुई, जिसमें तीनों प्राधिकरण के सीईओ, एसीईओ और ओएसडी मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत नोएडा प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा से हुई। इस दौरान ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के तहत निवेशकों को आवंटित प्लॉट्स और नक्शा पास कराने की स्थिति पर चर्चा हुई। आलोक कुमार ने निर्देश दिया कि जिन इंडस्ट्रियल और आईटी/आईटीईएस प्लॉट्स का आवंटन होने के बावजूद समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य नहीं हुआ है, उन पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्लॉट्स को निरस्त कर नए निवेशकों को आवंटित किया जाए और आवंटियों से एफिडेविट व कारण मांगा जाए।
प्रमुख सचिव ने नोएडा में भूमि बैंक बढ़ाने के लिए भी निर्देश दिए। साथ ही, बिल्डर-बायर मुद्दों पर चर्चा करते हुए उन्होंने रजिस्ट्रियों में देरी और बिल्डरों द्वारा भुगतान न करने पर चिंता जताई। उन्होंने यह भी कहा कि अमिताभ कांत की सिफारिशों का पालन न करने वाले बिल्डर्स पर सख्त कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा, नोएडा की विलंबित परियोजनाओं और यमुना तथा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की प्रगति का भी आकलन किया गया। आलोक कुमार ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि तीनों प्राधिकरणों के साथ यह उनकी पहली बैठक थी।
