केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के गंगा स्नान पर दिए गए बयान पर तीखा पलटवार किया। खरगे ने सवाल किया था, “क्या गंगा में नहाने से गरीबी खत्म हो जाएगी?” इस पर अमित शाह ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “महाकुंभ में डुबकी मैंने लगाई और ठंड खरगे जी को लग गई।”
दिल्ली के कालकाजी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “कल मैंने महाकुंभ में गंगा में स्नान किया। लेकिन यह देखिए, डुबकी मैंने लगाई और खरगे साहब को ठंड लग गई। वो कह रहे हैं कि गंगा में डुबकी लगाने से गरीबों का भला नहीं होगा। खरगे जी, आपने तो कभी डुबकी नहीं लगाई, लेकिन बताइए, आपने गरीबों के लिए क्या किया?”
शाह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा भारतीय परंपरा और आस्था में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा, “2019 में प्रधानमंत्री मोदी ने गंगा में स्नान किया और देश के करोड़ों गरीबों को गैस कनेक्शन, बिजली, शौचालय और मुफ्त अनाज जैसी सुविधाएं दीं।”
इसके अलावा, अमित शाह ने अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने केजरीवाल द्वारा दिल्ली में यमुना के पानी को लेकर हरियाणा सरकार पर लगाए गए आरोपों को झूठा बताया। शाह ने कहा, “केजरीवाल जी, आपने कहा कि पानी में जहर मिलाया गया। आपकी जल बोर्ड रिपोर्ट कहां है? किस प्रकार का जहर मिलाया गया, यह बताइए। दिल्ली की जनता जवाब चाहती है।”
अमित शाह ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल की सरकार झूठ और भ्रष्टाचार पर आधारित है। उन्होंने कहा, “केजरीवाल जी ने अन्ना आंदोलन के दौरान कहा था कि वे राजनीति में नहीं आएंगे। लेकिन पार्टी बनाई, कांग्रेस का समर्थन लिया, और अब करोड़ों का शीश महल बनवाया।”
उन्होंने दिल्ली की जनता से 5 फरवरी को भाजपा को वोट देने की अपील की और केजरीवाल सरकार को “आपदा” करार देते हुए कहा, “कमल का बटन दबाइए और केजरीवाल की ‘आप-दा’ से हमेशा के लिए छुटकारा पाइए।”
