लोकसभा में आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जोरदार भाषण दिया, जो 40 मिनट से अधिक चला। इस दौरान उन्होंने जातिगत जनगणना सहित कई अहम मुद्दों को उठाया। उनके भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों, खासकर किरेन रिजिजू ने कई बार आपत्ति जताई और उन्हें टोका।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में जातिगत जनगणना पर जोर देते हुए कहा कि देश की बड़ी आबादी ओबीसी, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यकों की है, लेकिन बड़े कॉरपोरेट्स में इन समुदायों का स्वामित्व नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी में ओबीसी, दलित और आदिवासी सांसद तो हैं, लेकिन उन्हें अपनी बात खुलकर कहने की अनुमति नहीं है। इस पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध जताया, और किरेन रिजिजू ने नाराजगी जताते हुए कहा, “क्या आपको प्रधानमंत्री मोदी नहीं दिखते?”
इसके अलावा, राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में बुलाने के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर को तीन बार अमेरिका भेजा गया था। इस दावे पर सत्ता पक्ष भड़क उठा, और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे तथ्यहीन बताते हुए कहा कि विपक्ष के नेता को ऐसे अपुष्ट दावे नहीं करने चाहिए।
राहुल गांधी ने अपने भाषण के अंत में कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी की मानसिक शांति भंग हुई हो, तो वे माफी मांगते हैं। वहीं, पूरे भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी चुपचाप राहुल गांधी को सुनते रहे।
