मुंबई: 90 के दशक में अपनी फिल्मों से सुपरस्टारडम की नई परिभाषा लिखने वाले गोविंदा का जलवा कभी बॉक्स ऑफिस की गारंटी हुआ करता था। लेकिन फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बनाने के बाद उनकी वापसी मुश्किल रही। राजनीति में हाथ आजमाने के बाद उन्होंने फिर से फिल्मों की ओर रुख किया, मगर सफलता हाथ नहीं लगी। हाल ही में गोविंदा उस वक्त सुर्खियों में आए, जब गलती से उनकी ही बंदूक से उनके पैर में गोली लग गई। अब वे पूरी तरह ठीक होकर घर लौट चुके हैं, लेकिन उनके बंगले की बालकनी में रखे नमक, नींबू और कपूर ने लोगों का ध्यान खींच लिया।
भक्ति और नज़रदोष से बचने की परंपरा
गोविंदा की पत्नी सुनीता अहूजा ने हाल ही में अपने मुंबई स्थित बंगले का टूर एक निजी चैनल को दिखाया, जहां उन्होंने अपने घर में मौजूद धार्मिक प्रतीकों और वास्तु के उपायों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि गोविंदा की मां देवी की बड़ी भक्त थीं और यही परंपरा उन्होंने भी अपनाई है। उनके घर में भक्ति का खास माहौल रहता है, और इसी वजह से बालकनी में नमक, नींबू, कपूर और फिटकरी रखी जाती है।
पूजा-पाठ के लिए खास बालकनी
वीडियो में सुनीता अहूजा ने अपनी विशेष बालकनी भी दिखाई, जहां तुलसी का पौधा लगा हुआ है। उन्होंने बताया,
“ये एक तुलसी मेरी है और एक मेरी बेटी टीना ने लगाई है। हम रोज शाम को यहां राई के तेल का दिया जलाते हैं, ताकि किसी की भी बुरी नजर मेरे घर, बच्चों या परिवार पर न लगे।”
सुनीता ने यह भी कहा कि यह बालकनी पूरी तरह से पूजा-पाठ के लिए समर्पित है। घर में जब भी कोई पार्टी होती है या कोई धूम्रपान करता है, तो यह बालकनी बंद कर दी जाती है। वह रोज इसी बालकनी से सूर्य को जल चढ़ाती हैं और इसे अपना “आउटडोर पूजाघर” कहती हैं।
वास्तु शास्त्र के हिसाब से बना है घर
सुनीता अहूजा ने यह भी खुलासा किया कि उनका घर पूरी तरह से वास्तु के नियमों के अनुसार बनाया गया है। उन्होंने बताया कि
“हमें बताया गया था कि इस जगह पर शीशा लगाना चाहिए, तो हमने शीशा लगाया। नॉर्थ-ईस्ट दिशा में हाथी की छोटी प्रतिमा भी रखी है, जो वास्तु के अनुसार शुभ मानी जाती है।”
आस्था और परंपरा का प्रतीक
गोविंदा के बंगले में मौजूद ये छोटे-छोटे उपाय उनके परिवार की गहरी धार्मिक आस्था और नजर दोष से बचाव की परंपरा को दर्शाते हैं। उनका परिवार अब भी मानता है कि इन उपायों से घर में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
