दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों से एक दिन पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि भाजपा उनकी पार्टी के 16 उम्मीदवारों को तोड़ने की कोशिश कर रही है और उन्हें मंत्री पद और 15-15 करोड़ रुपये का ऑफर दिया जा रहा है।
केजरीवाल ने सवाल उठाया कि यदि भाजपा को 55 से ज्यादा सीटें मिल रही हैं, तो फिर उनके उम्मीदवारों को तोड़ने की जरूरत क्यों पड़ रही है? उनके इस बयान का समर्थन करते हुए आप नेता मुकेश अहलावत ने भी दावा किया कि उन्हें भी भाजपा से ऐसा प्रस्ताव मिला था, लेकिन वे पार्टी नहीं छोड़ेंगे।
इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी भाजपा पर चुनावी गड़बड़ियों का आरोप लगाया, खासकर मतदाता सूची में हेरफेर का। दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को निराधार बताया और आम आदमी पार्टी को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि संजय सिंह या तो अपने आरोप वापस लें और माफी मांगें या फिर कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उन्होंने AAP पर चुनाव में संभावित हार को लेकर हताशा दिखाने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी पहले से ही संकट में है।
चुनावी माहौल गरम है, और सभी दल अपनी-अपनी रणनीतियों में जुटे हैं। अब 8 फरवरी को नतीजे आने के बाद ही साफ होगा कि जनता ने किस पर भरोसा जताया है।
