प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है, जिससे प्रशासन को ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाने पड़े हैं। इसी के चलते प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन को तय समय से पहले ही, रविवार (9 फरवरी) दोपहर 1:00 बजे से बंद कर दिया गया।
क्यों लिया गया यह फैसला?
दरअसल, 12 फरवरी को पूर्णिमा के स्नान के कारण 11 फरवरी से स्टेशन बंद करने की योजना थी, लेकिन भीड़ की अप्रत्याशित वृद्धि के चलते इसे 9 फरवरी से ही बंद करने का निर्णय लिया गया। इससे पहले भी प्रमुख स्नान पर्वों पर क्राउड कंट्रोल के लिए स्टेशन को बंद किया जाता रहा है।
इसके अलावा, मेला क्षेत्र से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दारागंज रेलवे स्टेशन को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था, और अब संगम स्टेशन को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
महाकुंभ में भीड़ और प्रशासन की चुनौती
बीते कुछ दिनों से रोजाना एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु कुंभ क्षेत्र में पहुंच रहे हैं, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं।
प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए वीआईपी पास तक सस्पेंड कर दिए हैं ताकि आम श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पुलिसकर्मी 16-18 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं, कई बार लगातार 50 घंटे तक भी।
ट्रैफिक और सुरक्षा प्रबंधन
डीआईजी वैभव कृष्ण के अनुसार, मेला क्षेत्र में कोई ट्रैफिक जाम नहीं है। श्रद्धालु अलग-अलग रास्तों से पैदल संगम की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
प्रशासन लगातार ग्राउंड जीरो पर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सुनिश्चित कर रहा है कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो। यदि भीड़ इसी तरह बनी रहती है, तो संगम रेलवे स्टेशन को पूर्णिमा तक बंद रखा जा सकता है।
