दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद मुख्यमंत्री आतिशी ने रविवार को उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस मुलाकात के दौरान उपराज्यपाल ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यमुना नदी की सफाई को लेकर ठोस कदम उठाने की जरूरत थी। उन्होंने यह भी बताया कि वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एलजी सचिवालय ने कई बार सरकार को सुझाव दिए थे, लेकिन इस पर कोई सार्थक कार्रवाई नहीं हुई।
यमुना के श्राप की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान एलजी ने आतिशी से कहा, “आपको यमुना मैया का श्राप लगा है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पहले ही आगाह किया गया था कि सुप्रीम कोर्ट से नदी सफाई की परियोजना को रोकने का दुष्परिणाम हो सकता है। हालांकि, इस टिप्पणी पर आतिशी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
प्रदूषण बना सियासी मुद्दा
चुनाव में हार के बाद आम आदमी पार्टी को कई मुद्दों पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें यमुना नदी में प्रदूषण और वायु प्रदूषण प्रमुख हैं। हर साल छठ पूजा के समय यमुना के झाग और जहरीले पानी की स्थिति चर्चा में आती है, लेकिन ठोस समाधान नहीं निकलता। अमोनिया की मात्रा को लेकर भी पहले कई बार राजनीति हो चुकी है।
इस पूरे घटनाक्रम पर जब मीडिया ने एलजी सचिवालय से प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
