दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी को 70 में से 48 सीटों पर जीत मिली, जबकि आम आदमी पार्टी केवल 22 सीटों पर सिमट गई। इस बड़ी जीत के बाद भी मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल को लेकर बीजेपी में चर्चा जारी है। पार्टी के शीर्ष नेता इस मुद्दे पर मंथन कर रहे हैं और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
इस बीच, कार्यवाहक मुख्यमंत्री आतिशी ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के अंदर मंत्रियों के नाम को लेकर खींचतान चल रही है और चुनावी वादों को पूरा करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिलाओं को ₹2500 देने की गारंटी पर पहली कैबिनेट में फैसला लेने की बात कही गई थी, लेकिन अब उस पर अमल नहीं होने वाला।
इन आरोपों पर बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने जवाब देते हुए कहा कि आतिशी के दावों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बीजेपी का नेतृत्व एक समर्पित और मेहनती मुख्यमंत्री नियुक्त करेगा, जो दिल्ली को एक विकसित राजधानी बनाने के लिए काम करेगा।
सूत्रों के मुताबिक, 19 फरवरी को दिल्ली के नए मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट के सदस्य शपथ ग्रहण करेंगे। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बीजेपी किसे मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपती है और दिल्ली की राजनीति में आगे क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।
