उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार का पक्ष रखा।
एमएसपी पर जवाब
विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडेय ने पूछा कि सरकार ने धान और गेहूं की लागत निकाली है या नहीं, और किसानों को कितना फायदा हो रहा है?
इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि एक कुंतल धान उगाने में किसान को 1100 रुपये की लागत आती है, लेकिन सरकार उसे 2300 रुपये एमएसपी के रूप में दे रही है। इसी तरह, गेहूं की लागत 1100-1200 रुपये होती है, और सरकार उसे 2300-2400 रुपये में खरीद रही है। यानी किसानों को लागत से ज्यादा पैसा मिल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि गन्ना किसानों को पहली बार 2300 रुपये प्रति कुंतल मिल रहा है, और यह पैसा सीधा उनके बैंक खाते में भेजा जा रहा है।
1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी पर जवाब
सपा विधायक रागिनी सोनकर ने मुख्यमंत्री से पूछा कि यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए कौन-कौन से विभाग सबसे ज्यादा काम कर रहे हैं और कितना आगे बढ़े हैं?
इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के कामकाज का पूरा डेटा सीएम डैशबोर्ड पर उपलब्ध है। औद्योगिक निवेश को लेकर उन्होंने बताया कि फरवरी 2023 में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए थे, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है। इससे 60 लाख लोगों को रोजगार मिलने वाला है।
रोजगार और एमएसएमई सेक्टर
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि अब तक साढ़े 7 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
एमएसएमई (छोटे उद्योग) सेक्टर को बढ़ावा देकर 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार दिया गया है।
कोरोना के समय 40 लाख मजदूर यूपी लौटे थे, जिनकी स्किल मैपिंग करके उनके घर के पास काम दिलाया गया।
