लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अब वाहन मालिकों को कागजी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) की जगह स्मार्ट कार्ड आरसी मिलेगी। योगी सरकार ने इस फैसले से न केवल वाहन स्वामियों को राहत दी है, बल्कि जांच और प्रशासनिक कार्यों को भी आसान बना दिया है।
क्या है स्मार्ट कार्ड आरसी?
स्मार्ट कार्ड आरसी एक माइक्रोचिप युक्त कार्ड होगा, जिसमें वाहन से जुड़ी सभी जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगी। यह कार्ड न केवल अधिक टिकाऊ होगा, बल्कि डुप्लीकेसी और धोखाधड़ी को रोकने में भी मदद करेगा।
किन-किन जानकारियों को सुरक्षित रखेगा स्मार्ट कार्ड?
स्मार्ट कार्ड आरसी में दो प्रकार की जानकारी होगी—
1. भौतिक रूप से दिखने वाला भाग
वाहन का पंजीकरण नंबर, तिथि और वैधता
चेचिस नंबर, इंजन नंबर, स्वामी का नाम और पता
ईंधन का प्रकार, प्रदूषण मानक, वाहन का मॉडल और रंग
सीटिंग, स्टैंडिंग और स्लीपिंग क्षमता
वजन क्षमता, हॉर्स पावर, व्हील बेस और फाइनेंसर का नाम
2. मशीन से पढ़े जाने वाला भाग
पंजीकरण और वाहन स्वामी की पूरी जानकारी
चालान, परमिट और फाइनेंसर से संबंधित डेटा
ट्रेलर/सेमी ट्रेलर अटैच होने की दशा में विवरण
आर्टीकुलेटेड वाहन व रिट्रोफिटमेंट से जुड़ी जानकारी
वाहन मालिकों को क्या होगा फायदा?
अब कागजी आरसी के गीले होने, कटने-फटने की समस्या से राहत मिलेगी।
माइक्रोचिप में डेटा सुरक्षित रहेगा, जिससे फर्जीवाड़े की संभावना कम होगी।
जांच प्रक्रिया आसान होगी, पुलिस और परिवहन अधिकारियों को डेटा तुरंत मिलेगा।
डिजिटलीकरण से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी
परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि यह कदम यूपी को डिजिटल ट्रांसपोर्टेशन की दिशा में आगे ले जाएगा और वाहन पंजीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा।
