लखनऊ, 02 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों को अपनाया है। खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा किए गए तकनीकी नवाचारों के कारण अब राशन कार्ड धारकों को देश के किसी भी उचित दर दुकान (Fair Price Shop – FPS) पर ई-केवाईसी (e-KYC) कराने की सुविधा दी जा रही है।
ई-केवाईसी की सुविधा से पारदर्शिता और सुगमता
उत्तर प्रदेश सरकार ने राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ई-केवाईसी और आधार सत्यापन प्रणाली को लागू किया है। इस व्यवस्था के तहत लाभार्थी अब सिर्फ अपने आधार कार्ड और बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए किसी भी उचित दर दुकान पर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
खाद्य एवं रसद विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2025 तक प्रदेश के 77.37% राशन कार्डधारकों (1.15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों) ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। इसके अलावा, 10.02 लाख लाभार्थियों ने अन्य राज्यों में भी अपनी ई-केवाईसी कराई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह डिजिटल पहल राज्य की सीमाओं से बाहर भी राशन कार्डधारकों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रही है।
डिजिटल प्रणाली से अपात्र लाभार्थियों की पहचान
ई-केवाईसी की अनिवार्यता से अपात्र राशन कार्डधारकों की पहचान कर उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से हटाया जा रहा है। इससे वास्तविक जरूरतमंदों को खाद्यान्न पहुंचाने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हो गई है।
ई-पॉस मशीनों से पारदर्शी राशन वितरण
उत्तर प्रदेश सरकार ने उचित दर की दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (e-PoS) मशीनों का उपयोग अनिवार्य किया है। इन मशीनों के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही लाभार्थियों को राशन वितरित किया जाता है। इससे बिचौलियों और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है।
योगी सरकार का लक्ष्य
योगी सरकार का लक्ष्य शत-प्रतिशत लाभार्थियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करना है, ताकि राशन वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाया जा सके। इसके लिए सरकार व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चला रही है और लाभार्थियों को ई-केवाईसी कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
नए राशन कार्ड के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए राशन कार्ड जारी करने से पहले लाभार्थी की ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा। यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि केवल पात्र और जरूरतमंद परिवार ही इस योजना का लाभ उठा सकें।
इस पहल से उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अधिक पारदर्शी, डिजिटल और लाभार्थी केंद्रित हो रही है, जिससे करोड़ों गरीबों को सीधा लाभ मिल रहा है।
