प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। यह पहली बार है जब इन दोनों नेताओं के खिलाफ इस मामले में चार्जशीट दायर की गई है।
चार्जशीट में नामित व्यक्ति
चार्जशीट में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस ओवरसीज यूनिट के प्रमुख सैम पित्रोदा और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुमन दुबे के नाम भी शामिल हैं। ED ने यह चार्जशीट दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल की है, जहां इस पर सुनवाई की अगली तारीख 25 अप्रैल निर्धारित की गई है ।
आरोपों का सार
ED का आरोप है कि यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड, जिसमें सोनिया और राहुल गांधी की 38-38% हिस्सेदारी है, ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की संपत्तियों को मात्र ₹50 लाख में अधिग्रहित किया, जबकि इन संपत्तियों की वास्तविक कीमत ₹2,000 करोड़ से अधिक थी। इन संपत्तियों में दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में स्थित प्राइम लोकेशनों की संपत्तियाँ शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹661 करोड़ है ।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने इस कार्रवाई को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है। पार्टी के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने कहा कि यह प्रधानमंत्री और गृह मंत्री द्वारा विपक्ष को डराने और बदनाम करने की कोशिश है। उन्होंने इसे “कानून के शासन का मुखौटा पहने हुए राज्य प्रायोजित अपराध” बताया ।
अगली सुनवाई
कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 25 अप्रैल तय की है, जिसमें ED और जांच अधिकारी को केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है ।
इस चार्जशीट के दाखिल होने से कांग्रेस नेतृत्व की कानूनी चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं, और यह मामला आगामी राजनीतिक परिदृश्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
