1 मई 2025 को जम्मू-कश्मीर के नगरोटा स्थित उच्च सुरक्षा वाले सैन्य स्टेशन पर एक संभावित घुसपैठ की कोशिश को भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया। इस दौरान एक सतर्क संतरी ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दी, जिससे एक संक्षिप्त गोलीबारी हुई, जिसमें वह मामूली रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद सेना ने इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। इस अभियान में सेना के विशेष बल, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां शामिल हैं। अब तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी या मुठभेड़ की पुष्टि नहीं हुई है।
यह घटना भारत-पाकिस्तान के बीच हाल ही में घोषित युद्धविराम के कुछ ही घंटों बाद हुई है, जिसे अमेरिका की मध्यस्थता से लागू किया गया था। हालांकि, दोनों देशों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
नगरोटा सैन्य स्टेशन पहले भी आतंकी हमलों का निशाना बन चुका है, notably in 2016, when an attack resulted in the deaths of seven soldiers and three militants.
इस घटना के बाद सुरक्षा बलों की सतर्कता और बढ़ा दी गई है, और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है, और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
