ग्रेटर नोएडा में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया है। टुस्याना गांव में 18 बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जो अधिसूचित कृषि भूमि पर बिना अनुमति के आवासीय परियोजनाएं विकसित कर रहे थे। इन बिल्डरों ने सस्ते प्लॉट्स और फ्लैट्स के नाम पर ग्राहकों को धोखा दिया और सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया। प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने इन बिल्डरों को ‘भूमाफिया’ घोषित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। एफआईआर सेक्टर इकोटेक-3 पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है ।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र में पर्यावरणीय मानदंडों का उल्लंघन कर रहे सभी निर्माण कार्यों की पहचान करें और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। यह निर्देश एक याचिका के आधार पर दिया गया, जिसमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बिना पर्यावरणीय मंजूरी के हो रहे निर्माण कार्यों का उल्लेख किया गया था ।
प्राधिकरण ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे बिना अनुमति और नक्शा पास कराए गए प्लॉट्स या फ्लैट्स में निवेश न करें, क्योंकि ऐसे निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
