नई दिल्ली, 18 मई 2025: भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के भीतर 100 किलोमीटर तक घुसकर आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया, जिसे स्वतंत्रता के बाद की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई माना जा रहा है। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी।
ऑपरेशन की प्रमुख बातें:
भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के मुख्यालयों को नष्ट किया।
इस कार्रवाई में लगभग 100 आतंकवादियों को मार गिराया गया और 15 पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया, जिससे पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई की क्षमता प्रभावित हुई।
गृह मंत्री अमित शाह ने इस ऑपरेशन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमता का प्रतीक बताया।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय प्रयास:
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका से हस्तक्षेप की अपील की और वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए एक ‘शांति प्रतिनिधिमंडल’ भेजने की घोषणा की।
भारतीय सेना ने 12 मई को पाकिस्तान के साथ डीजीएमओ स्तर की बातचीत के बाद संघर्ष विराम की घोषणा की, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि इस संघर्ष विराम की कोई समाप्ति तिथि नहीं है।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की सैन्य कार्रवाई केवल ‘रुकी’ है, समाप्त नहीं हुई है। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि यदि वह आतंकवाद का समर्थन जारी रखता है, तो भारत फिर से कार्रवाई करेगा।
