बांग्लादेश की सेना ने देश के अंदरूनी मामलों पर अपना कड़ा रुख साफ कर दिया है। सेना ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और मशहूर अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस के खिलाफ खुलकर बयान दिया है। सेना का कहना है कि वह देश की सुरक्षा और हितों से किसी भी हालत में समझौता नहीं करेगी।
मोहम्मद यूनुस पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोप लगे हैं, जिन्हें लेकर देश की राजनीति में पहले से ही विवाद चल रहा है। अब सेना के खुलकर विरोध करने से मामला और गंभीर हो गया है। सेना का मानना है कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए, चाहे व्यक्ति कितना भी बड़ा क्यों न हो।
इसके साथ ही बांग्लादेश सेना ने म्यांमार में प्रस्तावित कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर भी आपत्ति जताई है। यह कॉरिडोर चीन की मदद से बनाया जा रहा है और इससे बांग्लादेश की सीमाओं के पास विदेशी दखल बढ़ने का खतरा हो सकता है। सेना को आशंका है कि यह प्रोजेक्ट क्षेत्रीय सुरक्षा और बांग्लादेश की संप्रभुता पर असर डाल सकता है।
सेना के इन बयानों से यह साफ हो गया है कि वह देश के राजनीतिक और रणनीतिक मामलों में अब ज्यादा सक्रिय भूमिका निभा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कदमों से आने वाले समय में बांग्लादेश की राजनीति और विदेश नीति पर गहरा असर पड़ सकता है।
