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कर्नाटक में स्कूलों का दोबारा खुलना:
गर्मी की लंबी छुट्टियों के बाद 2 जून 2025 से कर्नाटक के स्कूलों में फिर से शिक्षण कार्य शुरू हो गया है। कोविड-19 मामलों में हालिया बढ़ोतरी को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों के लिए नई सावधानियां और दिशा-निर्देश (Guidelines) जारी किए हैं। -
सरकार का आधिकारिक सर्कुलर:
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आयुक्त द्वारा जारी सर्कुलर में माता-पिता से अपील की गई है कि अगर बच्चों में बुखार, खांसी, जुकाम या अन्य लक्षण दिखें, तो वे उन्हें स्कूल न भेजें। पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद ही बच्चों को स्कूल वापस भेजा जाए। -
स्कूलों के लिए निर्देश:
सभी सरकारी और निजी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर किसी छात्र, शिक्षक या स्टाफ में कोविड जैसे लक्षण दिखते हैं तो उन्हें घर भेजने या आवश्यक सावधानी बरतने की व्यवस्था हो। -
कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन:
सर्कुलर में COVID-19 Appropriate Behaviour (CAB) जैसे:-
मास्क पहनना,
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नियमित हाथ धोना,
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खांसते-छींकते समय शिष्टाचार बरतना
जैसे उपायों का पालन सख्ती से करने की बात कही गई है।
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कोविड के ताजा आंकड़े:
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कर्नाटक में:
रविवार शाम तक 253 सक्रिय मामले दर्ज किए गए। इस साल राज्य में अब तक 4 मौतें कोविड के कारण हो चुकी हैं, जिनमें सभी मरीज अन्य गंभीर बीमारियों से भी ग्रसित थे। -
देशभर में:
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में कुल 3,961 सक्रिय कोविड मामले हैं। बीते 24 घंटे में 32 मौतें हुईं, जिनमें दिल्ली, केरल, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश से एक-एक मौत की पुष्टि हुई है। - कर्नाटक सरकार ने स्कूलों में कोविड के संभावित प्रसार को रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू किए हैं। छात्रों की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है कि अभिभावक, शिक्षक और स्कूल प्रशासन मिलकर इन नियमों का पालन सुनिश्चित करें। संक्रमण को रोकने के लिए समय पर लक्षणों की पहचान और सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।
