2 जून 2025, नई दिल्ली — इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) की 81वीं वार्षिक आम बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विमानन क्षेत्र की क्षमताओं और संभावनाओं को दुनिया के सामने रखा।
प्रमुख बातें:
-
भारत है तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार
-
IATA की बैठक भारत में 4 दशक बाद आयोजित
-
भारत में एविएशन कंपनियों के लिए निवेश का ‘उत्कृष्ट अवसर’
पीएम मोदी का संबोधन: मुख्य बिंदु
1. भारत एक उभरती वैश्विक शक्ति:
“आज का भारत आत्मविश्वास से भरा है। हम सिर्फ एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि नीति निर्माण, नवाचार और समावेशी विकास में भी अग्रणी हैं।”
2. स्पेस और एविएशन का संगम:
“हम केवल धरती तक सीमित नहीं हैं — भविष्य में स्पेस फ्लाइट और ग्रहों के बीच यात्रा को कॉमर्शियलाइज करने की ओर भी बढ़ रहे हैं।”
3. तीन मजबूत आधार – भारत क्यों है तैयार:
-
मार्केट: भारत केवल उपभोक्ताओं का समूह नहीं, बल्कि एक महत्वाकांक्षी समाज है।
-
टैलेंट: भारत के पास युवा, नवोन्मेषक पीढ़ी है जो एआई, रोबोटिक्स, क्लीन एनर्जी आदि में अग्रणी है।
-
नीतियां: इंडस्ट्री के लिए ओपन और सपोर्टिव पॉलिसी इकोसिस्टम मौजूद है।
UDAN योजना:
प्रधानमंत्री ने उड़ान योजना को नागरिक विमानन क्षेत्र का “स्वर्णिम अध्याय” बताया, जिसने छोटे शहरों को हवाई नक्शे पर लाकर कनेक्टिविटी क्रांति लाई है।
वैश्विक संदर्भ में भारत की भूमिका:
“भारत अब केवल एक उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक एविएशन इकोसिस्टम में एक नीति नेता (Policy Leader) और इनोवेशन पार्टनर भी है।”
