दिल्ली के सभी जिलों में चल रही डिजिटल कोर्ट (ई-कोर्ट) को अब एक दूसरी अदालत या जगह पर शिफ्ट कर दिया गया है। इसके चलते कई जज और अदालत के कर्मचारी परेशान हो रहे हैं।
पहले हर जिले में अलग-अलग डिजिटल कोर्ट थीं, जहां केस ऑनलाइन तरीके से चलते थे। लेकिन अब इन सभी को एक जगह पर शिफ्ट कर दिया गया है। इससे जजों को रोजाना लंबा सफर करना पड़ रहा है और काम में भी दिक्कत आ रही है।
जजों का कहना है कि एक ही जगह से सभी जिलों के केस संभालना मुश्किल हो रहा है। उन्हें न तो जरूरी सुविधा मिल रही है और न ही सहायक स्टाफ की पूरी मदद।
केस करने वाले लोगों को भी अब दूसरी जगह आना पड़ता है, जिससे उन्हें समय और पैसा दोनों ज्यादा लग रहा है।
न्याय प्रक्रिया पर असर:
इस बदलाव से न्याय देने की प्रक्रिया धीमी हो गई है, जिससे आम लोगों को देर से इंसाफ मिल रहा है।
जज और वकील चाहते हैं कि डिजिटल कोर्ट को दोबारा हर जिले में शुरू किया जाए ताकि काम आसान हो सके।
