ग्रेटर नोएडा। बिरोंडी चक्रसेनपुर गांव में हाल ही में बने समुदाय केंद्र की चारदीवारी गिरने से प्राधिकरण की लापरवाही और निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की आशंका एक बार फिर उजागर हो गई है। घटना के बाद गांव में आक्रोश है और ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
चारदीवारी की नींव कमजोर, निर्माण पर उठे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि चारदीवारी की नींव बहुत ही कमजोर थी और उसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। पिलर भी बेहद कमजोर थे। इससे यह साफ है कि निर्माण कार्य में नियमों की अनदेखी हुई और गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया।
समाजसेवी मोहित भाटी और शिवम मावी ने की जांच की मांग
समाजसेवी मोहित भाटी और गांव निवासी शिवम मावी ने इस मामले में सख्त जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर यह दीवार लोगों की मौजूदगी में गिरती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि भ्रष्टाचार का संकेत है।
प्राधिकरण की चुप्पी पर सवाल
घटना के बाद भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे ग्रामीणों में और ज्यादा नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जब दीवार गिरने जैसी गंभीर बात पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही, तो यह प्रशासन की लापरवाही का खुला उदाहरण है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश सरकार और प्राधिकरण से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न दोहराई जाएं।
