लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में फैले कुल 948 पेड़ों को ‘विरासत वृक्ष’ घोषित किया गया है। इन पेड़ों को उनकी उम्र, धार्मिक मान्यता और ऐतिहासिक महत्व के आधार पर यह दर्जा दिया गया है।
प्रदेश में सबसे ज्यादा विरासत वृक्ष वाराणसी जिले में हैं। यहां कुल 99 विरासत वृक्ष मौजूद हैं। इसके बाद प्रयागराज में 53, हरदोई में 37, गाजीपुर में 35, उन्नाव में 34, रायबरेली में 32, झांसी में 30, फिरोजाबाद में 29, लखीमपुर खीरी में 27, बरेली और बहराइच में 26-26, लखनऊ में 25 और जौनपुर में 24 विरासत वृक्ष चिन्हित किए गए हैं।
इनमें सबसे अधिक संख्या पीपल के पेड़ों की है, जिनकी संख्या 422 है। इसके अलावा बरगद के 363 और पाकड़ के 57 पेड़ों को विरासत श्रेणी में रखा गया है।
वन विभाग द्वारा इन वृक्षों की देखभाल की जा रही है और इन पर पहचान चिह्न लगाए जा रहे हैं ताकि इनका संरक्षण बेहतर ढंग से किया जा सके। इन पेड़ों को न सिर्फ पर्यावरण की दृष्टि से, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
