हादसा और प्राथमिक निष्कर्ष:
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दिनांक व समय: 12 जून 2025 को दोपहर लगभग 1:39 PM IST (08:09 UTC) पर फ्लाइट AI‑171 अहमदाबाद से टेक-ऑफ हुई। केवल 30–32 सेकंड के भीतर विमान एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल की बिल्डिंग से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया
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प्रारंभिक रिपोर्ट: भारतीय एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है, जो घटना के लगभग 25‑26 दिन बाद (इसी हफ़्ते) सार्वजनिक की गई
कॉकपिट क्रू और उड़ान विवरण:
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कैप्टन सुमीत सभरवाल: एक अनुभवी LTC कप्तान, जिनके पास करीब 8,200 घंटे का उड़ान अनुभव था
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फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर: सह-पायलट, जिनके पास लगभग 1,100 घंटे की उड़ान अनुभव थी
दुर्घटना का मुख्य कारण (प्रारंभिक निष्कर्ष):
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टेक-ऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति “run” से “cutoff” पोजीशन में चली गई, जिससे इंजन बंद हो गए
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कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछते हुए सुना गया: “तुमने इंधन क्यों बंद किया?” लेकिन दूसरा पायलट इनपुट को नकारता दिखा, जिससे स्पष्ट हो गया कि कंट्रोल्स को जानबूझकर बंद करना बेहद असंभव है .
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इंजन पुनः चालू करने का प्रयास किया गया, लेकिन एक इंजन सफलतापूर्वक पुनः स्टार्ट नहीं हुआ; परिणामस्वरूप विमान ऊंचाई नहीं बना पाया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया
अन्य संभावनाएं और जांच की दिशा:
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विशेषज्ञों ने बताया कि ये “fuel cutoff switch” सुरक्षा-परिपाटियों के तहत संरक्षित होते हैं—गलती से सक्रिय पर्यंत संभव नहीं है. इसके बावजूद आगे की जांच में क्रैश की संभावित तकनीकी गलतियों या सॉफ़्टवेयर दोष की संभावनाएं बनी हुई हैं
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सिम्यूलेटर परीक्षणों और ब्लैक बॉक्स डेटा विश्लेषण से यह भी संकेत मिले कि फ्लैप्स या अन्य सिस्टम की स्थिति भी संभावित कारक हो सकती है, लेकिन अभी कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकल पाया है
मौतों का आँकड़ा और बचाव:
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विमान में सवार कुल 242 लोगों में से केवल एक ही यात्री (ब्रिटिश नागरिक Vishwash Kumar Ramesh) बच पाया, जब बाकी सभी की मौत हुई. मृतकों की संख्या लगभग 260 बताई गई है (पैसेंजर व जमीन पर हुए नागरिक)
अगले कदम:
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अंतिम रिपोर्ट तीन महीनों में तैयार होने की उम्मीद है, जिसमें सभी तकनीकी डेटा, ब्लैक बॉक्स जानकारी और दुर्घटना से जुड़ी विस्तृत जांच शामिल होगी .
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वर्तमान में सॉफ़्टवेयर दोष और मानव गलती के दोनों पहलुओं की गहन समीक्षा की जा रही है. एअर इंडिया के ड्रीमलाइनर बेड़े की तकनिकी ऑडिट भी चल रही है
