नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। सितंबर 2025 तक रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टावर, एसटीपी और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसे प्रमुख कार्य पूरे हो जाएंगे। कई मशीनें साइट पर पहुंच चुकी हैं और काम तेजी से चल रहा है।
अब प्रशासन ने एयरपोर्ट के आसपास 10 किलोमीटर के दायरे में बने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। बिना अनुमति के बनाए गए मकानों, दुकानों और अन्य ढांचों पर जल्द ही बुलडोजर चलाया जाएगा। इसके साथ ही इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की नई निर्माण गतिविधि के लिए एनओसी लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
डीएम मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में एयरपोर्ट एनवायरमेंट मैनेजमेंट कमेटी (AEMC) ने आदेश जारी किया है कि एयरपोर्ट के संचालन में किसी भी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, मरे हुए जानवरों का तत्काल निपटान और लेजर-ड्रोन गतिविधियों पर भी रोक रहेगी।
इतना ही नहीं, एयरपोर्ट के 20 किलोमीटर के दायरे में भी घर, पेड़-पौधों, फैक्ट्रियों आदि के निर्माण के लिए एनओसी जरूरी कर दिया गया है। बिना अनुमति पाए निर्माण कार्यों पर सख्त कार्रवाई और ध्वस्तीकरण के निर्देश दे दिए गए हैं।
प्रशासन अब हर महीने निरीक्षण करेगा और रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभाग अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई करेगा। ग्रामीण इलाकों में लोगों को इस बारे में जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जाएंगे।
