ग्रेटर नोएड़ा 16 जुलई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब खरीफ सीजन का लाभ लेने के लिए अंतिम तारिख 31 जुलाई तय की गई है। किसानो को उनकी अपनी धान और बाजरे की फसल की बीमा इसी सिलसिले में आज जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी बैंक समन्वयक, कृषि विभाग के अधिकारी, आत्मा योजना के प्रतिनिधि और किसान शामिल हुए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने बैंकों को निर्देश दिए कि सभी पात्र किसानों को शत-प्रतिशत बीमा योजना का लाभ मिलना चाहिए। बैठक में बताया गया कि जिले में फसल बीमा योजना को एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इस साल धान की बीमित राशि ₹84,100 प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है, जिसके लिए किसानों को केवल 2 प्रतिशत यानी ₹1,682 प्रति हेक्टेयर प्रीमियम देना होगा। वहीं, बाजरे की बीमित राशि ₹33,600 प्रति हेक्टेयर रखी गई है, जिस पर किसान को ₹672 प्रति हेक्टेयर प्रीमियम देना होगा।यह योजना सभी ऋणी और गैर-ऋणी किसानों के लिए लागू होगी। किसान अपने नजदीकी बैंक शाखा या जन सेवा केंद्र के माध्यम से फसल का बीमा करा सकते हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि फसल कटाई के बाद खेत में रखी गई फसल अगर ओलावृष्टि, चक्रवात या बेमौसम बारिश से प्रभावित होती है, तो किसान को 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 या Crop Insurance App के माध्यम से इसकी सूचना देनी होगी। ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा)’ योजना और ‘उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम’ की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने वर्ष 2024-25 के कार्यों की समीक्षा करते हुए 2025-26 के लिए कार्ययोजना को समय से पूरा करने और मोटे अनाज (मिलेट्स) के प्रचार-प्रसार पर विशेष बल देने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि बाजरा, कोदो, मडुआ और सांचा जैसे अनाजों की खेती, प्रसंस्करण और उपयोग को बढ़ावा देना समय की जरूरत है। इसके लिए किसानों और आम लोगों में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंतिम तिथि 31 जुलाई, किसानों को जागरूक करने के निर्देश
