धर्मांतरण के इस कथित रैकेट पर अब सिर्फ ATS ही नहीं, बल्कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी शिकंजा कस दिया है।
आज सुबह से ED की टीमों ने उत्तर प्रदेश के बलरामपुर और महाराष्ट्र के मुंबई में एक साथ 14 जगहों पर छापेमारी की।
जांच एजेंसी का दावा है कि यह कार्रवाई धार्मिक रूपांतरण और हवाला नेटवर्क से जुड़ी है।
बलरामपुर में बाबा के आश्रम, उसके सहयोगियों के ठिकाने और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
वहीं मुंबई के बांद्रा और माहिम इलाके में, शाहजाद शेख नामक व्यक्ति के ठिकानों पर भी छापे पड़े, जो इस पूरे नेटवर्क में फंडिंग का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
ED के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी फंडिंग हुई है।
ये पैसा सऊदी अरब, दुबई, नेपाल जैसे देशों से भारत लाया गया और लगभग 40 बैंक खातों के ज़रिए घुमाया गया।
अब सवाल ये है – ये पैसे आए क्यों और गए कहाँ?
बलरामपुर में बाबा के 70 कमरों वाले आलीशान आश्रम को प्रशासन ने अवैध बताते हुए ढहा दिया है।
इस आश्रम की लागत बताई जा रही है लगभग 3 करोड़ रुपये।
सरकार अब बाबा से 8.55 लाख रुपये की वसूली करेगी – यह उसी अवैध निर्माण को गिराने का खर्च है।
इस केस में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।
एक पीड़िता ने बताया कि बाबा के नेटवर्क में लड़कियों को बहलाकर, फंसाकर, फिर मजबूरी में धर्म बदलवाया जाता था।
फिर उनकी विदेशों में तस्करी की जाती थी।
ATS की रिपोर्ट के अनुसार – जाति के आधार पर ‘रेट कार्ड’ तय थे – ब्राह्मण लड़की के लिए ₹15 लाख, अन्य के लिए कम।
हनीट्रैप, ब्लैकमेल, और जबरन निकाह जैसे हथकंडे आम थे।
अब ED इस पूरे रैकेट की मनी ट्रेल की जांच कर रही है।
ATS को शक है कि इस नेटवर्क के तार महाराष्ट्र के एक कट्टर संगठन से भी जुड़े हैं।
जैसे-जैसे ये केस आगे बढ़ रहा है, इसमें धार्मिक कट्टरता, विदेशी फंडिंग, मानव तस्करी और हवाला – सब कुछ एक साथ सामने आ रहा है।
क्या ये सिर्फ धर्मांतरण का मामला है, या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय एजेंडा भी काम कर रहा है?
सवाल गंभीर हैं… और देश जवाब चाहता है।
