ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सफाई व्यवस्था के दावों की हकीकत सूरजपुर कस्बे में सामने आ गई है। डीएम ऑफिस से मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित सूरजपुर की गलियों और सड़कों पर गंदगी का अंबार देखने को मिल रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि स्थानीय निवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाली कंपनियां और उनके कर्मचारी खुलेआम मनमानी कर रहे हैं। प्राधिकरण द्वारा इन कंपनियों को हर महीने लाखों रुपये का भुगतान किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि गलियों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पहले भी प्राधिकरण ने कुछ ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया था, लेकिन वह कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रही। नतीजा यह है कि सफाई कर्मियों की लापरवाही लगातार जारी है।
इस लचर व्यवस्था का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। नागरिकों ने प्राधिकरण से मांग की है कि सफाई व्यवस्था को तत्काल ठीक किया जाए और लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सूरजपुर को गंदगी के इस दलदल से छुटकारा मिल सके।
