ग्रेटर नोएडा। शहर के सेक्टर पी-3 गोलचक्कर के पास पिछले डेढ़ से दो सालों से टूटी सीवर लाइन लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई है। स्थानीय निवासी हरेन्द्र भाटी ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ प्रेरणा सिंह और महाप्रबंधक ए.के. सिंह को पत्र लिखकर इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान दिलाया है।
पत्र में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा के अधिकतर सेक्टरों और कस्बों में सीवर लाइनें ओवरफ्लो हो रही हैं। प्रतिदिन लगभग 50 से 60 मिलियन लीटर गंदा पानी निकल रहा है, जिसमें से 40 प्रतिशत सड़कों पर बहता हुआ देखा जा सकता है। इस वजह से सेक्टरों की सड़कें कीचड़ और बदबू से भरी पड़ी हैं, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में कई जगहों पर सीवर की पाइपलाइन धंस चुकी है। खासकर पी-3 गोलचक्कर के पास की टूटी सीवर लाइन ने स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सीवर विभाग के ठेकेदारों द्वारा इस लाइन की मरम्मत नहीं की जा रही है। इसके बावजूद प्राधिकरण के अधिकारी इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
श्री भाटी ने पत्र में सवाल उठाया है कि आखिर प्राधिकरण के अधिकारी इतनी बड़ी लापरवाही क्यों बरत रहे हैं। क्या अधिकारियों को लोगों की सेहत और जनसुविधा की चिंता नहीं है? पत्र में यह भी मांग की गई है कि इस गंभीर समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्राधिकरण इस समस्या को गंभीरता से लेगा और जल्द से जल्द टूटी सीवर लाइन की मरम्मत कराएगा, ताकि शहर को गंदगी और बीमारियों से बचाया जा सके।
