राज्यसभा में बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर उठे विवाद पर जवाब देते हुए कहा कि यह कोई युद्ध नहीं था, बल्कि भारत की आत्मरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया जरूरी कदम था। कांग्रेस द्वारा पूछे गए सवालों पर शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि देश की सेना ने आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की, जिससे हजारों निर्दोष लोगों की जान बचाई गई।
गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को राजनीतिक चश्मे से देखना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम और विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भारत की संप्रभुता पर हमला होता है, तब सरकार मूकदर्शक नहीं रह सकती। “हमारे जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। अगर कोई भारत की सीमा पर गोली चलाएगा, तो जवाब जरूर मिलेगा,” शाह ने स्पष्ट किया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर सरकार जनता को गुमराह कर रही है और इसे चुनावी हथकंडे के रूप में उपयोग किया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शाह ने कहा कि सरकार का एक ही उद्देश्य है – भारत की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। साथ ही कई आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किया गया, जिससे आने वाले समय में घुसपैठ की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सकेगी।
शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन पूरी तरह रणनीतिक और नियोजित था, जिसमें किसी भी निर्दोष नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। उन्होंने सेना के पराक्रम की सराहना करते हुए कहा कि भारत अब कोई कमजोर देश नहीं है और आवश्यकता पड़ने पर हर स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
