मध्य प्रदेश के दो प्रमुख शहरों—भोपाल और इंदौर—में अब बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं मिलेगा। यह सख्त आदेश 1 अगस्त 2025 से लागू होगा। दोनों जिलों के कलेक्टरों ने सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है।
इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह और भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने इस नियम को लेकर सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश जारी कर दिए हैं। आदेश के तहत यदि कोई दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट पेट्रोल भरवाने आता है, तो पंप कर्मचारी उसे ईंधन देने से मना कर देंगे। ऐसा न करने पर संबंधित पंप के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतें बिना हेलमेट दोपहिया चालकों की होती हैं। यह नियम इसलिए लागू किया जा रहा है ताकि लोग हेलमेट पहनने की आदत डालें और अपनी सुरक्षा के प्रति गंभीर रहें। कलेक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि नियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा और इसकी निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।
भोपाल और इंदौर के ट्रैफिक पुलिस विभागों को भी पेट्रोल पंपों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई पंप संचालक आदेशों की अवहेलना करता है तो उसके लाइसेंस रद्द किए जाने की चेतावनी दी गई है। यह कदम ‘रोड सेफ्टी फॉर ऑल’ अभियान के अंतर्गत उठाया गया है, जो राज्य सरकार की एक महत्त्वाकांक्षी योजना है।
स्थानीय लोगों में इस फैसले को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है। कुछ लोग इसे एक ज़रूरी और स्वागतयोग्य कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे आम जनता के लिए असुविधाजनक बता रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह नियम जनहित में है और इससे सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
