बिहार में इन दिनों “कॉपी-पेस्ट पॉलिटिक्स” को लेकर तेजस्वी यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। तेजस्वी यादव का आरोप है कि नीतीश सरकार उनके द्वारा सुझाई गई योजनाओं और नीतियों को बिना श्रेय दिए लागू कर रही है। उदाहरण के लिए, हाल ही में नीतीश कुमार ने पत्रकारों को ₹15,000 की मासिक पेंशन देने की घोषणा की, जिसे तेजस्वी ने अपनी पुरानी पहल बताया। इसके अलावा तेजस्वी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा लाई गई नई पेंशन योजना पहले महागठबंधन द्वारा सुझाई गई थी, जिसे अब एनडीए ने अपना बताकर लागू कर दिया है। उन्होंने चुनाव से पहले विशेष मतदाता सूची संशोधन (SIR) अभियान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इसका विचार भी उनके द्वारा दिया गया था, जिसे अब नीतीश सरकार गलत तरीके से लागू कर रही है। विधानसभा सत्र के दौरान भी इस मुद्दे पर तेजस्वी और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। तेजस्वी का कहना है कि सरकार उनके आइडिया चुराकर जनता को गुमराह कर रही है और असली काम करने वालों को कोई श्रेय नहीं दिया जा रहा है।
बिहार में ‘कॉपी-पेस्ट पॉलिटिक्स’ का आरोप: तेजस्वी बोले- नीतीश सरकार हमारे आइडिया चुरा रही है
