प्यासा में दिलीप कुमार को लेना चाहते थे गुरु दत्त, लेकिन नहीं बनी बात – बाद में हुआ अफसोस

गुरु दत्त की मशहूर फिल्म प्यासा (1957) को आज भी हिंदी सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है। इस फिल्म में गुरु दत्त ने खुद लीड रोल निभाया था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शुरुआत में वो ये किरदार दिलीप कुमार को देना चाहते थे?

क्यों दिलीप कुमार ने मना किया?

गुरु दत्त ने जब प्यासा की कहानी लिखी, तो उनका पहला चुनाव दिलीप कुमार थे, क्योंकि वो उस समय के सबसे बड़े स्टार माने जाते थे और गंभीर किरदारों में उनका अभिनय शानदार था। लेकिन दिलीप कुमार ने इस रोल को ठुकरा दिया। उन्होंने सोचा कि ये रोल उनकी बाकी फिल्मों से बहुत अलग है और शायद दर्शकों को पसंद न आए।

बाद में हुआ अफसोस

जब प्यासा रिलीज हुई, तो फिल्म को जबरदस्त सराहना मिली। इसे क्रिटिक्स और दर्शकों, दोनों ने ही पसंद किया। फिल्म की गिनती आज भी ‘क्लासिक’ में होती है। कहा जाता है कि इसके बाद दिलीप कुमार को इस रोल को ठुकराने का अफसोस हुआ। उन्होंने माना कि ये एक शानदार फिल्म थी और गुरु दत्त का काम बहुत ही गहराई लिए हुए था।

फिल्म की खास बातें

फिल्म एक ऐसे कवि की कहानी है जो प्यार और समाज की बेरुखी से परेशान होता है।

इसका संगीत, संवाद और अभिनय आज भी यादगार हैं।

प्यासा को टाइम मैगजीन ने 100 सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में शामिल किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *