राजस्थान के अलवर का ‘पायलट’ परिवार करीब 50 साल से देश की सेवा में अपनी पहचान बनाए हुए है। परिवार की शुरुआत पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय वायुसेना के स्क्वॉड्रन लीडर रहे राजेश पायलट से हुई, जिन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में अहम भूमिका निभाई। सेना छोड़ने के बाद वे राजनीति में आए और कांग्रेस से कई बार सांसद और मंत्री रहे। 2001 में सड़क हादसे में उनका निधन हो गया।
उनके बेटे सचिन पायलट ने पिता की विरासत संभाली। वे देश के सबसे युवा सांसदों में शामिल रहे, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री बने और टेरिटोरियल आर्मी में कैप्टन की सेवा भी की। आज भी पायलट परिवार को देशभक्ति और ईमानदारी की मिसाल माना जाता है, जिसने आसमान से लेकर संसद तक अपनी बुलंद उड़ान जारी रखी है।
