आज विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत और जर्मनी के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया की राजनीति काफी अस्थिर है। कई देशों के बीच टकराव और आर्थिक तनाव बढ़ रहे हैं। ऐसे में भारत और जर्मनी जैसे देशों के रिश्तों में “पूर्वानुमेयता” यानी स्थिरता और भरोसा बहुत जरूरी है।
जयशंकर ने कहा कि भारत अब ऐसी विदेश नीति बना रहा है जिसमें साझेदारी साफ और मजबूत हो। उन्होंने समझाया कि जब रिश्तों में भरोसा और स्थिरता होती है, तब निवेश, व्यापार और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर साथ काम करना आसान होता है।
उन्होंने जर्मनी को भारत का अहम सहयोगी बताया और कहा कि आने वाले समय में दोनों देश टेक्नोलॉजी, उद्योग और वैश्विक चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन और सुरक्षा मामलों पर साथ काम करेंगे।
जयशंकर के इस बयान का मतलब है कि भारत दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि वह भरोसेमंद और स्थिर साझेदार है। जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों के साथ मजबूत संबंध न सिर्फ व्यापार बढ़ाएंगे बल्कि भारत की रणनीतिक स्थिति को भी और मजबूत करेंगे।
