बाराबंकी स्थित रामस्वरूप विश्वविद्यालय में चल रहे विवाद को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया। अभाविप का आरोप है कि विधि छात्रों द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण आंदोलन पर बाहरी गुंडों ने हमला किया और पुलिस ने भी छात्रों पर लाठीचार्ज किया। परिषद ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह छात्रों के अधिकारों का सीधा हनन है।
अभाविप कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित डीएम ऑफिस पर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कई मांगें रखी गईं। इनमें घटना में शामिल पुलिसकर्मियों और गुंडों पर कठोर कार्रवाई कर मुकदमा दर्ज करना, विश्वविद्यालय में विधि पाठ्यक्रम के अवैध संचालन की जांच कर संस्थान को बंद करना, उच्च शिक्षा परिषद के सचिव द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर पर तुरंत कार्रवाई करना और सरकारी भूमि पर कब्जे व अवैध निर्माण को हटाकर जुर्माना वसूलना शामिल है।
प्रांत मंत्री गौरव गौड़ ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे में कार्रवाई नहीं की गई तो विद्यार्थी परिषद प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी।
इस मौके पर राष्ट्रीय मंत्री क्षमा शर्मा, वैभव मिश्रा, यश बल्हारा, अभिनव वत्स, देव नागर, अमन खारी, कुशाग्र सिंह, शुभम् मुखर्जी, क्रिश मिश्रा और अनमोल सहित बड़ी संख्या में अभाविप कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर सरकार से छात्रों के हित में तुरंत कदम उठाने की मांग की।
