ग्रेटर नोएडा। गामा-2 सेक्टर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन भक्ति और श्रद्धा के बीच हुआ। शुक्रवार को व्यासपीठ से आचार्य मनीष कौशिक जी ने अपने मधुर वचनों से भगवान-नाम की महिमा का विस्तार किया और सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया।
आचार्य जी ने कहा कि कलियुग में जीव के कल्याण का सबसे सरल और सच्चा मार्ग भगवान के नाम का स्मरण है। उन्होंने बताया कि नाम-जप से मनुष्य का जीवन सुखमय और सफल हो सकता है। कथा के दौरान उन्होंने श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। यह प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा, “सच्ची मित्रता वह शक्ति है जो कभी परिस्थितियों से नहीं टूटती। यह संसार का सबसे पवित्र रिश्ता है, जिसे स्वयं भगवान ने निभाया।”
कथा स्थल पर बैठे भक्त सुदामा चरित्र की कथा सुन भाव-विभोर हो उठे। वातावरण में हर ओर भक्ति का रंग छा गया। श्रद्धालुओं ने माना कि यह प्रसंग जीवन में मित्रता और निष्ठा का महत्व समझाता है।
कथा समापन पर समाज के कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। इनमें जी.पी. गोस्वामी, मुकेश शर्मा एडवोकेट, आचार्य हर्ष अविरल, सुधीर भाटी, वेदप्रकाश शर्मा, विनीता सिंह, सोनिया, कल्पना सैनी और रूपा गुप्ता शामिल थे। बड़ी संख्या में भक्तों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भव्य बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में भजन-कीर्तन गूंजे और भक्तजन भाव-विभोर होकर भगवान के नाम में डूब गए। श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में मित्रता और भक्ति के मूल्यों को अपनाएँगे।
