भारत की सांस्कृतिक धरोहरों की सूची में अब एक और अहम नाम जुड़ गया है। यूनेस्को ने ‘मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स’ को वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया है। इसमें 12 ऐतिहासिक किले शामिल हैं, जो मराठा साम्राज्य की सैन्य रणनीति और अद्भुत निर्माण कला का उदाहरण माने जाते हैं।
ये किले 17वीं से 19वीं शताब्दी के बीच बनाए और विकसित किए गए थे। इनमें महाराष्ट्र के रायगढ़, राजगढ़, लोहगढ़, प्रतापगढ़, पन्हाला, शिवनेरी, सिंधुदुर्ग और विजदुर्ग जैसे किले शामिल हैं, साथ ही तमिलनाडु का जिन्जी किला भी इस सूची में जोड़ा गया है। इन किलों को खासतौर पर समुद्र तट, पहाड़ियों और द्वीपों जैसी रणनीतिक जगहों पर बनाया गया था ताकि युद्ध के समय सुरक्षा और नियंत्रण आसान हो सके।
विशेषज्ञों के मुताबिक इन किलों की खासियत केवल उनकी मजबूती नहीं, बल्कि पानी की व्यवस्था, रास्तों की संरचना और प्राकृतिक वातावरण के साथ तालमेल भी है। यह दिखाता है कि मराठा शासक केवल युद्ध में ही नहीं, बल्कि संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में भी माहिर थे।
यूनेस्को की इस मान्यता के बाद अब ये किले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संरक्षित धरोहर बन गए हैं। इससे इनके संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन के नए अवसर भी खुलेंगे। यह भारत की 44वीं साइट है जिसे यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल किया है।
