2001 में एक छोटे से सामुदायिक कार्यक्रम से शुरू हुआ यह पर्व आज ग्रेटर नोएडा की पहचान बन चुका है। बीते 24 वर्षों से लगातार हो रहे इस उत्सव में हर साल 80 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस वर्ष 25वें वर्षगांठ को देखते हुए समिति ने विशेष तैयारियां की हैं।
महासचिव देबाकी घोषाल ने कहा कि दुर्गा पूजा महज धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि बेटी के घर वापसी का उत्सव है, जो भक्ति, संस्कृति और सामुदायिक भावना से परिपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि रजत जयंती वर्ष को अविस्मरणीय बनाने के लिए भव्य योजनाएँ बनाई गई हैं।
समिति के उपाध्यक्ष देवर्षि मुखर्जी ने बताया कि मूर्तिकार बंगाल से बुलाए गए हैं, वहीं पंडाल और प्रकाश व्यवस्था भी विशेष आकर्षण का केंद्र होगी।
इस वर्ष रजत जयंती की खास झलकियाँ होंगी—
धार्मिक ऊर्जाओं से ओतप्रोत महापूजा और अनुष्ठान
बॉलीवुड और कोलकाता के प्रसिद्ध कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
बच्चों और युवाओं के लिए प्रतियोगिताएँ व सामुदायिक गतिविधियाँ
बंगाल और देशभर के व्यंजनों व हस्तशिल्प के स्टॉल
आयोजन समिति की कार्यकारी सदस्य बिदिशा दत्ता ने बताया कि इस बार कई बड़े कॉर्पोरेट घरानों का सहयोग भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरे ग्रेटर नोएडा समुदाय का उत्सव है।
नवरात्र की शुरुआत के अवसर पर समिति ने पूजा-पूर्व बैठक और बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन भी किया।
समिति के अध्यक्ष अशोक सेनगुप्ता, महासचिव देबाकी घोषाल, उपाध्यक्ष देवर्षि मुखर्जी, सांस्कृतिक सचिव नवनीता महेश और कार्यकारी सदस्य बिदिशा दत्ता ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे परिवार सहित आकर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करें और इस ऐतिहासिक रजत जयंती उत्सव का हिस्सा बनें।
