दादरी के रहने वाले कारोबारी विवेक गोयल ने बताया कि उनकी फर्म से सरकारी काम के लिए कुछ स्टेशनरी (ऑफिस सामान) खरीदी गई थी। यह सामान कुशीनगर के डीपीओ और उनके साथियों ने लिया था, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया गया।
जब विवेक गोयल ने पैसे मांगे तो उनसे अलग-अलग दस्तावेज मांगे जाने लगे। उन्होंने पुलिस और प्रशासन में कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार उन्होंने अदालत में अर्जी दी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने इस मामले पर सुनवाई की और डीपीओ के खिलाफ केस दर्ज करने से पहले कुशीनगर के जिलाधिकारी से जवाब मांगा। जिलाधिकारी की ओर से जवाब नहीं मिलने पर अदालत ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
दादरी कोतवाली प्रभारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर लिया गया है और अब पुलिस जांच करके आगे की कार्रवाई करेगी।
