बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) के लिए एक और मुश्किल खड़ी हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल सहनी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रदेश अध्यक्ष मांगनी लाल मंडल को सौंपा। खास बात यह है कि कुछ ही समय पहले आरजेडी ने उन्हें स्टार प्रचारक बनाया था, जिससे यह कदम पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
इस्तीफे के साथ ही डॉ. सहनी ने पार्टी नेतृत्व पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आरजेडी में अतिपिछड़ा वर्ग के नेताओं और कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी हो रही है। उनके अनुसार, पार्टी में अब परिवारवाद और चापलूसी को ज्यादा अहमियत दी जा रही है, जबकि मेहनती और जमीनी नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी को मजबूत करने का प्रयास किया, लेकिन अब आरजेडी की दिशा-नीति से वे असहज महसूस कर रहे हैं। “आज पार्टी में आम कार्यकर्ता और खासकर अतिपिछड़ा समाज के लिए कोई जगह नहीं बची है,” उन्होंने कहा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि डॉ. अनिल सहनी का इस्तीफा आरजेडी के लिए बड़ा नुकसान है, क्योंकि वे पार्टी के पुराने और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे।
