जनवरी से सितंबर 2025 तक दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई। नगर निगम ने निर्माण स्थलों पर नियम तोड़ने वाले 1,176 ठेकेदारों और कंपनियों पर करीब 1.8 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। जांच में पाया गया कि कई जगहों पर धूल रोकने के लिए पर्दे या पानी के छिड़काव की व्यवस्था नहीं थी, कुछ स्थानों पर मलबा खुले में पड़ा था और कचरा जलाने के मामले भी सामने आए।
इन कार्रवाइयों का उद्देश्य राजधानी की हवा को साफ रखना है। यह कदम “राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम” के तहत उठाया गया है, ताकि निर्माण से फैलने वाली धूल और प्रदूषण पर रोक लगाई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यदि आगे भी नियमों का पालन नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार चाहती है कि लोगों को सांस लेने के लिए साफ और सुरक्षित वातावरण मिले।
